❓यह पूजा क्या है? (What is this Puja)
पूर्वजों की आत्मा की तृप्ति न होने या पितृ श्राप के कारण घर में बीमारी, तंगी, क्लेश और वंशावृद्धि में रुकावट आती है, जिसे पितृ दोष कहा जाता है।
🪔पूजा कैसे संपन्न होती है? (How it is performed)
उज्जैन के सिद्धवट (जहाँ पितरों का स्थान माना जाता है) पर तिल, जौ, चावल के पिंड बनाकर पित्रों का ध्यान किया जाता है और दूध-जल अर्पण कर तर्पण व ब्राह्मण भोजन कराया जाता है।
🛕उज्जैन (मंगलनाथ) में ही क्यों कराएं? (Why Ujjain)
सिद्धवट वटवृक्ष पितृ मोक्ष के लिए गयाजी की तरह ही पवित्र और फलदायी स्थान है।
✨इस पूजा के मुख्य लाभ (Key Benefits)
- ✓घर में बरकत और शांति का वास
- ✓संतान हीनता की समस्या का समाधान
- ✓पारिवारिक क्लेश और अकारण बीमारी का अंत
- ✓पितरों का पूर्ण आशीर्वाद प्राप्त होना
📸अनुष्ठान की प्रामाणिक झलक (Trust & Proof)


* ऑनलाइन पूजा यजमानों के नाम व गोत्र से संपन्न कर संपूर्ण वीडियो/फोटो एवं प्रसाद कोरियर द्वारा भेजा जाता है।