❓यह पूजा क्या है? (What is this Puja)
जब जन्म कुंडली में राहु और केतु के बीच सभी सात ग्रह (सूर्य, चंद्र, मंगल, बुध, गुरु, शुक्र, शनि) आ जाते हैं, तो काल सर्प दोष बनता है। इसके कारण जीवन में अकारण बाधाएं, व्यापार में हानि, विवाह में विलंब और मानसिक अशांति रहती है।
🪔पूजा कैसे संपन्न होती है? (How it is performed)
उज्जैन के पवित्र शिप्रा तट (रामघाट या सिद्धवट) पर पंडित जी द्वारा नाग-नागिन के जोड़े का पूजन, नवग्रह शांति, महामृत्युंजय जाप और राहु-केतु मंत्रों के साथ हवन संपन्न कराया जाता है।
🛕उज्जैन (मंगलनाथ) में ही क्यों कराएं? (Why Ujjain)
उज्जैन भगवान महाकाल की नगरी है, यहाँ किया गया काल सर्प दोष निवारण अत्यंत प्रभावशाली और अचूक माना जाता है।
✨इस पूजा के मुख्य लाभ (Key Benefits)
- ✓मानसिक तनाव और डरावने सपनों से मुक्ति
- ✓करियर और व्यापार में रुकी हुई प्रगति शुरू होना
- ✓वैवाहिक जीवन में मिठास और खुशहाली
- ✓संतान प्राप्ति में आ रही बाधाओं का निवारण
📸अनुष्ठान की प्रामाणिक झलक (Trust & Proof)


* ऑनलाइन पूजा यजमानों के नाम व गोत्र से संपन्न कर संपूर्ण वीडियो/फोटो एवं प्रसाद कोरियर द्वारा भेजा जाता है।